चक्रवाती तुफान ‘सेन्यार’ कहा टकराएगा ; वर्तमान में, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके जल्द ही निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलकर ‘चक्रवात सेनयार’ बनने की संभावना है। मौसम के दो प्रमुख मॉडलों (ECMWF और GFS) में इस तूफान के रास्ते को लेकर अलग-अलग अनुमान हैं।
ECMWF मॉडल के अनुसार, यह चक्रवात लगभग 28 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल कर सकता है, जबकि GFS मॉडल यह दर्शाता है कि यह सिस्टम थोड़ा रिकर्व करते हुए 29 नवंबर की सुबह के आस-पास दक्षिण ओडिशा और विशाखापट्टनम के उत्तर में तट से टकराएगा। मौसम विशेषज्ञ इस पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं क्योंकि अभी तक निम्न दबाव का क्षेत्र पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है और इसके रास्ते में बदलाव संभव है।
इस मौसमी सिस्टम के कारण अंडमान द्वीप समूह पर आज और कल भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, तमिलनाडु के तटीय इलाकों में भी हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिलेगी। जैसे-जैसे यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, बारिश की गतिविधियों में वृद्धि होगी।
21 और 22 नवंबर को दक्षिणी आंध्र प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक (जैसे बेंगलुरु), केरल और लक्षद्वीप में भी वर्षा बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के और अधिक आक्रामक होने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है, वहीं दक्षिणी ओडिशा के कई इलाकों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी ज्यादा रह सकती हैं।
चक्रवाती सिस्टम के कारण हवाओं की दिशा में बड़ा बदलाव आया है। उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हवाओं के बजाय अब पूर्वी हवाएं चल रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश के मध्य, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी।
अगले कुछ दिनों तक, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में भी रात के तापमान बढ़ेंगे। इससे ठंड का जो एहसास हो रहा था, उसमें कमी आएगी। वहीं, दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो हवाओं के कमज़ोर होने के कारण यहाँ प्रदूषण का स्तर अभी भी काफी अधिक बना हुआ है, और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से 500 के आसपास बना हुआ है, जो जहरीली हवा की ओर इशारा करता है।