Gold Price Today: गुरुवार की सुबह मल्टी कमौडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई. अमेरिकी डॅालर में आई मजबूती इस गिरावट का मुख्य कारण है. इसके अलावा बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से मिले संकेतों ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया. सुबह करीब 9:45 बजे, MCX गोल्ड दिसंबर फ्यूचर्स 0.23% गिरकर ₹1,22,768 प्रति 10 ग्राम पर थे. इसके उलट चांदी की कीमतें में बढ़त रही. MCX सिल्वर 0.39% बढ़कर 1,55,717 प्रति किलो पर पहुंचा.
सोने, चांदी पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस
एनालिस्ट्स के मुताबिक, “सोने का सपोर्ट MCX पर ₹1,22,200- ₹1,21,650 और रेजिस्टेंस ₹1,23,800- ₹1,24,400 है. वहीं चांदी का सपोर्ट ₹1,54,000- ₹1,52,500 और रेजिस्टेंस ₹1,56,600- ₹1,58,000 है.”
दूसरी तरफ, सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.30 तक पहुंच गया. यह दो हफ्तों से ज्यादा के समय में इसका हाई है. आमतौर पर, डॉलर मजबूत होने पर सोना बाकी करेंसीज में महंगा हो जाता है और उसकी मांग कम हो जाती है.
फेड बैठक के मिनट्स जारी
फेडरल रिजर्व की अक्टूबर बैठक के मिनट्स कल यानी बुधवार को जारी हुए फेडरल रिजर्व की अक्टूबर बैठक के मिनट्स के कारण भी सोने पर दबाव बढ़ा. मिनट्स से पता चला कि पौलिसी मेकर्स ब्याज दरों में जल्द कटौती से सावधान हैं, क्योंकि ऐसा करने से महंगाई फिर बढ़ सकती है. इसी वजह से दिसंबर में ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं, जिससे सोने की कीमतों पर और दबाव पड़ता दिखाई दिया.
एनालिस्ट्स का कहना है कि फेड के मिनट्स जारी होने के बाद सोने में आई बढ़त कम हुई. निवेशक अब जापान से जुड़े अपडेट और आर्थिक आंकड़ों पर नज़र बनाए हुए हैं, जिसमें और देरी हो रही है.
मार्केट एनालिस्ट्स ने बताया कि हालिया बैठक में फेड अधिकारियों की राय बंटी हुई दिखाई दी. पिछली बार ब्याज दरों में कटौती करने के बावजूद कुछ सदस्यों को डर था कि बहुत जल्दी ढील देने से महंगाई को नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयास बेकार हो सकते हैं. बता दें कि इनफ्लेशन पिछले चार साल से 2% के टारगेट से ऊपर बना हुआ है. इसके सिवा फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने भी सावधानी बरतने की बात की और कहा कि दिसंबर में रेट कट होना “पक्का नहीं” है.