भारत सरकार ने 2025 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) की अपडेटेड बेनिफिशियरी लिस्ट की ऑफिशियल घोषणा कर दी है। यह स्कीम 2016 में ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत शुरू की गई थी और पहले इसे इंदिरा आवास योजना के नाम से जाना जाता था।
इस स्कीम का मकसद ग्रामीण इलाकों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्के (पक्के) घर देना है। इन घरों को बनाने के लिए सरकार मैदानी इलाकों में 1.2 लाख रुपये तक और पहाड़ी इलाकों में 1.3 लाख रुपये तक की मदद देती है।
PIB के मुताबिक, स्कीम शुरू होने के बाद से अब तक 3 करोड़ से ज़्यादा घरों को मंज़ूरी दी जा चुकी है। ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के मकसद को पूरा करने के लिए, सरकार का लक्ष्य 2029 तक 2.95 करोड़ और घर बनाना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े ज़रूरी अपडेट
1. आवासऐप मोबाइल ऐप
लाभार्थी इस एंड्रॉयड ऐप के ज़रिए घर बनने का स्टेटस लाइव देख सकते हैं।
कंस्ट्रक्शन साइट की जियो-टैगिंग और शिकायत सुलझाने की सुविधा भी उपलब्ध है।
2. दूसरी लिस्ट जल्द जारी होगी
पहली लिस्ट के एक महीने के अंदर दूसरी लिस्ट जारी की जाएगी।
जिन लोगों के नाम पहली लिस्ट में नहीं आए थे, उन्हें फिर से शामिल होने का मौका मिलेगा।
3. राज्यवार सर्वे
सभी ज़िलों में नए सिरे से घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है।
इसका मकसद ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना और स्कीम में पिछड़े और कमज़ोर तबके के परिवारों को शामिल करना है।
PMAY-G के लिए एलिजिबिलिटी
इस स्कीम का फ़ायदा उठाने के लिए, परिवार ग्रामीण इलाकों का रहने वाला होना चाहिए। उनके नाम पर कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए। वे SC/ST, OBC, माइनॉरिटी, EWS या लैंडलेस लेबरर की कैटेगरी में होने चाहिए। अगर किसी का नाम लिस्ट में नहीं है, तो वे PMAY-G पोर्टल या पास के CSC सेंटर पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।
ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स:
आधार कार्ड
BPL/SECC लिस्ट में नाम का प्रूफ़
बैंक अकाउंट डिटेल्स
इस स्कीम के तहत अप्लाई करने का प्रोसेस पूरी तरह से फ़्री है।
मंज़ूरी सरकार द्वारा हर साल अपडेट की जाने वाली प्रायोरिटी लिस्ट के आधार पर दी जाती है।
PMAY-G 2025 में अपना नाम कैसे चेक करें?
बेनिफिशियरी बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के भी ऑनलाइन या मोबाइल से लिस्ट चेक कर सकते हैं:
ऑफिशियल PMAY-G वेबसाइट pmayg.nic.in पर जाएं
‘स्टेकहोल्डर्स’ सेक्शन पर क्लिक करें।
‘IAY/PMAYG बेनिफिशियरी’ या ‘फाइंड बेनिफिशियरी’ चुनें।
अगर आपके पास रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है, तो ‘एडवांस्ड सर्च’ पर क्लिक करें।
अपना राज्य, ज़िला, तालुका और गाँव चुनें।
कैप्चा डालें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें।
उसके बाद, आपके गाँव की पूरी बेनिफिशियरी लिस्ट दिखाई देगी, जिसमें सैंक्शन स्टेटस और इंस्टॉलमेंट से जुड़ी ज़रूरी जानकारी होगी।