अगले 24 घंटों में तुफान बनेगा खतरा..’सायक्लोल सेनयार’
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में देश के कई राज्यों में बड़े मौसम बदलाव की चेतावनी जारी की है। वीडियो में बताया गया है कि स्टेट ऑफ मलक्का और दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिसके जल्द ही चक्रवात में बदलने की संभावना है। इस संभावित साइक्लोन का असर देश के कई हिस्सों में महसूस होगा। इसके अलावा, एक और निम्न दबाव का क्षेत्र श्रीलंका के इलाकों पर बना हुआ है, जिसकी ऊर्जा भी इसी तूफान की ओर केंद्रित हो रही है। इस समय देश के ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क बना हुआ है, हालांकि मध्य भारत (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरी राजस्थान, गुजरात) में हवाओं की दिशा अनिश्चित बनी हुई है।
अगले 24 घंटों में, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम, और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं, तटीय तमिलनाडु, दक्षिण आंध्र प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और दक्षिण कर्नाटक में भी भारी बारिश होने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर में पूर्वी असम, अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में भी हल्की बारिश के संकेत हैं।
तापमान की बात करें तो, मध्य भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में रात का तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में शीत लहर की स्थिति बन सकती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं आ रही हैं, जिनकी गति बढ़ने पर प्रदूषण और धुंध से राहत मिलती है, लेकिन फिलहाल रात का तापमान धीरे-धीरे गिर रहा है, जिससे उत्तर भारत में ठंड बढ़ने की संभावना है।
वीडियो में प्रदूषण की विकराल समस्या पर भी ध्यान दिलाया गया है, जिसका मुख्य कारण सर्दियों में होने वाला ‘टेंपरेचर इन्वर्जन’ है। इसके चलते ठंडी हवाएं नीचे और गर्म हवा की परत ऊपर जम जाती है, जिससे प्रदूषक (धूल के कण, ग्रीन हाउस गैसें) धरातल के पास जमा होने लगते हैं, खासकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और बड़े शहरों में।
अंत में, मौसम विशेषज्ञ ने महा-अंत (नवंबर के अंतिम सप्ताह) में ‘थान ओ’ नाम के चक्रवात के देश के तटों पर आने की बात कही है, जो कई राज्यों में बारिश लाएगा। यह बारिश किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि यह रबी की फसल (खासकर गेहूं) की बुवाई के बाद पहली सिंचाई का काम करेगी और इसे किसानों के लिए ‘सोना बरसने’ जैसा बताया गया है।